मैं वो हूँ जिसमें मेरा अंतर्मन मुझे स्वीकारे। मैं वो हूँ जिसमें मेरा अंतर्मन मुझे स्वीकारे।
झूठ और फरेब से नफ़रत है मुझे, कड़वा और सच बोलना आता है मुझे । झूठ और फरेब से नफ़रत है मुझे, कड़वा और सच बोलना आता है मुझे ।
लिखना... लिखना...
खरीदना है प्याज़,जिसका बढ़ रहा है रेट हो रहा है आपकी सैलरी का वेट, पति देव आप कमाते रहो खरीदना है प्याज़,जिसका बढ़ रहा है रेट हो रहा है आपकी सैलरी का वेट, पति देव आ...
मेरे घर की दीवारें बोलती सी लगती हैं, हर सुबह चुपके से वे धूप को बुला लाती हैं .... मेरे घर की दीवारें बोलती सी लगती हैं, हर सुबह चुपके से वे धूप को बुला लाती ...
विनोद भाव , चंचल चितवन नील अंबर, भावुक मन विशाल ह्रदय , चट्टान छवि, एक इंसान रूप कई। विनोद भाव , चंचल चितवन नील अंबर, भावुक मन विशाल ह्रदय , चट्टान छवि, एक ...